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Wednesday, September 26 2018
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।। श्री अष्टलक्ष्मी स्तोत्र ।। पी.डी.एफ़ छापें ई-मेल

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            || आदिलक्ष्मी ||
सुमनसवन्दित सुन्दरि माधवी चन्द्र सहोदरी हेममये |
मुनिगणमंडित मोक्षप्रदायिनी मंजुलभाषिणी वेदनुते ||
पंकजवासिनी देवसुपुजित सद्रुणवर्षिणी शांतियुते |
जय जय हे मधुसुदन कामिनी आदिलक्ष्मी सदा पली माम ||१||
            || धान्यलक्ष्मी ||
अहिकली कल्मषनाशिनि कामिनी वैदिकरुपिणी वेदमये |
क्षीरमुद्भव मंगलरूपिणी मन्त्रनिवासिनी मन्त्रनुते | |
मंगलदायिनि  अम्बुजवासिनि देवगणाश्रित पाद्युते |
जय जय हे मधुसुदन कामिनी धान्यलक्ष्मी सदा पली माम|| २||
            || धैर्यलक्ष्मी ||
 जयवरवर्णिनी  वैष्णवी भार्गवी मन्त्रस्वरूपिणी  मन्त्रम्ये |
सुरगणपूजित शीघ्रफलप्रद ज्ञानविकासिनी शास्त्रनुते ||
भवभयहारिणी पापविमोचनि साधुजनाश्रित पादयुते |
जय जय हे मधुसुदन कामिनी धैर्यलक्ष्मी सदा पले माम ||३||
          || गजलक्ष्मी ||
जयजय दुर्गतिनाशिनी कामिनी सर्वफलप्रद शास्त्रमये |
रथगज तुरगपदादी  समावृत परिजनमंडित लोकनुते ||
हरिहर ब्रम्हा सुपूजित सेवित तापनिवारिणी पादयुते |
जय जय हे मधुसुदन कामिनी गजलक्ष्मी  रूपेण पले माम ||४|| 
          || संतानलक्ष्मी ||
अहिखग वाहिनी मोहिनी  चक्रनि रागविवर्धिनी  लोकहितैषिणी
स्वरसप्त भूषित गाननुते सकल सूरासुर देवमुनीश्वर  ||
मानववन्दित पादयुते |
जय जय हे मधुसुदन कामिनी संतानलक्ष्मी त्वं पालय माम || ५ ||
          || विजय लक्ष्मी || 
जय कमलासनी सद्रतिदायिनी ज्ञानविकासिनी गानमये |
अनुदिनमर्चित कुमकुमधूसर-भूषित वासित वाद्यनुते ||
कनकधस्तुति  वैभव वन्दित शंकर देशिक मान्य पदे |
जय जय हे मधुसुदन कामिनी विजयलक्ष्मी सदा पालय माम ||६ ||
           || विद्यालक्ष्मी ||
प्रणत सुरेश्वरी भारती भार्गवी शोकविनासिनी रत्नमये |
मणिमयभूषित कर्णविभूषण शांतिसमवृत  हास्यमुखे ||
नवनिधिदायिनी  कलिमहरिणी कामित फलप्रद  हस्त युते  |
जय जय हे मधुसुदन कामिनीविद्यालक्ष्मी  सदा पालय माम  ||
         || धनलक्ष्मी || 
धिमिधिमी धिंधिमी धिंधिमी धिंधिमी दुन्दुभी नाद सुपूर्णमये |
घूमघूम घुंघुम घुंघुम घुंघुम शंखनिनाद सुवाद्यनुते ||
वेदपूराणेतिहास सुपूजित वैदिकमार्ग प्रदर्शयुते |
जय जय हे मधुसुदन कामिनी धनलक्ष्मी रूपेण पालय माम || ८||
अनुवाद: अजय सिंह

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 
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