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Tuesday, August 22 2017
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श्री लक्ष्मीजी की आरती पी.डी.एफ़ छापें ई-मेल

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महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्र्वरी |

हरिप्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥

 ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |

 तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥ॐ जय लक्ष्मी माता....

उमा रमा ब्रम्हाणी तुम जग की माता |

सूर्य चद्रंमा ध्यावत नारद ऋषि गाता ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

दुर्गारुप निरंजन सुख संपत्ति दाता |

जो कोई तुमको ध्याता ऋद्धि सिद्धी धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

 तुम ही पाताल निवासनी  तुम ही शुभदाता |

कर्मप्रभाव प्रकाशनी भवनिधि की त्राता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

जिस घर तुम रहती हो ताँहि में हैं  सदगुण आता |

सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

 तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता |

 खान पान का वैभव,  सब तुमसे आता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

शुभ गुण मंदिर सुंदर  क्षीरनिधि जाता |

रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

 महालक्ष्मी जी की आरती जो कोई नर गाता |

उँर आंनद  समाता  पाप उतर जाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

 स्थिर चर जगत बचावै कर्म प्रेर ल्याता |

रामप्रताप मैया जी की शुभ दृष्टि पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता |

तुमको निसदिन सेवत हर विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता....

 
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 कबिरा खडा बजार में, सबकी माँगें खैर  ना काहुँ से दोस्ती, ना काहुँ से बैर || 

 
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