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Saturday, October 21 2017
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व्रकतुंड महाकाय, सूर्यकोटी समप्रभाः |  

निर्वघ्नं कुरु मे देव,सर्वकार्येरुषु सवर्दा ||

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा |

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा || जय गणेश देवा...

एक दन्त दयावंत चार भुजा धारी 

माथे पर तिलक सोहे  मुसे की सवारी || जय गणेश देवा...

पान चढ़े फुल चढ़े और चढ़े मेवा

लड्डुवन का भोग लगे  संत करे सेवा || जय गणेश देवा...

अंधन को आखँ देत कोढ़ियन को काया

बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया 

सुर श्याम शरण आये सफल किजे सेवा || जय गणेश देवा...

जय गणेश जय गणेश  जय गणेश देवा

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ||  जय गणेश देवा...

 
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सुविचार

धीरे धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होये | माली सींचे सौ घडा, ॠतु आये फल होये ||

 
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