मुख्य पृष्ट arrow आरती संग्रह arrow || गणेशजी की आरती ||
दिनमान लघु पंचांग
मुख्य पृष्टपंचांगचौघडियाँमुहूतॅआरती संग्रहव्रत त्योहारभजन संग्रहराशिफलखोजेंअन्य जानकारीहमें सम्पर्क करें
Sunday, December 10 2017
मुख्य मैन्यु
मुख्य पृष्ट
पंचांग
चौघडियाँ
मुहूतॅ
आरती संग्रह
व्रत त्योहार
भजन संग्रह
राशिफल
खोजें
अन्य जानकारी
हमें सम्पर्क करें
|| गणेशजी की आरती || पी.डी.एफ़ छापें ई-मेल

  Image 

ॐ गजाननं भूंतागणाधि सेवितम्, कपित्थजम्बू फलचारु भक्षणम् |

उमासुतम् शोक विनाश कारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम् ||

गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विघ्न टरै |

तीन लोक तैतिस देवता द्वार खडे सब अरज कारै ॥

रिद्धी सिद्धी दक्षिण वाम विराजे, अरु आंनद से चवँर ढ़ुले |

धूप दीप और लिये आरती भक्त खडे जयकार करे ॥ गणपति की सेवा......

गुड के मोदक भोग लगे हैं, मुषक वाहन चढ़ा करैं |

सौम्यरुप सेवा गणपति की, विघ्न भाग जा दूर पडे ॥ गणपति की सेवा......

 भादों मास और शुक्ल चतुर्थी दिन दोपहरी पूर्ण पडे |

लियो जन्म गणपति प्रभुजी ने दुर्गा मन आनंद भये ॥ गणपति की सेवा......

अद्भुत बाजा बजे इंद्र का, देववधू जयगान करे |

श्री शंकर जी के आनंद उपज्यों,नाम सुने सब विघ्न टरैं॥ गणपति की सेवा......

आनि विधाता बैठे आसन, इंद्र  अप्सरा नृत्य करे |

देख वेद ब्रम्हाजी जाको विघ्नविनायक नाम धरै ॥ गणपति की सेवा......

एक दंत गजबदन विनायक, त्रिनयन रुप अनूप धरैं |

पग खम्बा सा उदर पुष्ट हैं देख चंद्रमा हास्य करैं ॥ गणपति की सेवा......

दे श्राप श्री चंद्र देव को कलाहीन तत्काल करें |

चौदह लोक मे फिरे गणपति तीन भवन में राज्य करैं ॥ गणपति की सेवा.....

उठी प्रभात जब धरें ध्यान कोई ताके कारज सर्व सरे |

पूजा काले गावे आरती, ताके सिर यश छत्र फिरे ॥ गणपति की सेवा......

गणपति की पूजा पहले करनी, काम सभी निर्विघ्न सरै |

 श्री प्रताप गणपति प्रभुजी की हाथ जोड स्तुति करैं ॥ गणपति की सेवा......

 गणपति की सेवा मंगल मेवा, सेवा से सब विघ्न टरै |

तीन लोक तैतिस देवता द्वार खडे सब अरज करै ॥

 
< पिछला   अगला >
सुविचार

साईं इतना दिजिये, जामे कुंटुब समाये | मैं भूखा ना रहुँ, साधु ना भूखा जाये ||

 
© 2017 दिनमान लघु पंचांग