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Monday, December 11 2017
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सीता राम सीता राम

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये .

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये ..


मुख में हो राम नाम राम सेवा हाथ में .

तू अकेला नाहिं प्यारे राम तेरे साथ में .

विधि का विधान जान हानि लाभ सहिये .


किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा .

होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा .

फल आशा त्याग शुभ कर्म करते रहिये .


ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के .

महलों मे राखे चाहे झोंपड़ी मे वास दे .

धन्यवाद निर्विवाद राम राम कहिये .


आशा एक रामजी से दूजी आशा छोड़ दे .

नाता एक रामजी से दूजे नाते तोड़ दे .

साधु संग राम रंग अंग अंग रंगिये .

काम रस त्याग प्यारे राम रस पगिये .


सीता राम सीता राम सीताराम कहिये .

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये .

 
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