मुख्य पृष्ट arrow भजन संग्रह arrow सूरत दीनानाथ से लगी
दिनमान लघु पंचांग
मुख्य पृष्टपंचांगचौघडियाँमुहूतॅआरती संग्रहव्रत त्योहारभजन संग्रहराशिफलखोजेंअन्य जानकारीहमें सम्पर्क करें
Tuesday, December 11 2018
मुख्य मैन्यु
मुख्य पृष्ट
पंचांग
चौघडियाँ
मुहूतॅ
आरती संग्रह
व्रत त्योहार
भजन संग्रह
राशिफल
खोजें
अन्य जानकारी
हमें सम्पर्क करें
सूरत दीनानाथ से लगी पी.डी.एफ़ छापें ई-मेल

Image



सूरत दीनानाथ से लगी तू तो समझ सुहागण सुरता नार।।

लगनी लहंगो पहर सुहागण बीतो जाय बहार।

धन जोबन है पावणा रो मिलै न दूजी बार।।

राम नाम को चुडलो पहिरो प्रेम को सुरमो सार।

नकबेसर हरि नाम की री उतर चलोनी परलै पार।।

ऐसे बर को क्या बरूं जो जनमें औ मर जाय।

वर वरिये इक सांवरो री चुडलो अमर होय जाय।।

मैं जान्यो हरि मैं ठग्यो री हरि ठगि ले गयो मोय।

लख चौरासी मोरचा री छिन में गेरह्ह्या छे बिगोय।।

सुरत चली जहां मैं चली री कृष्ण नाम झणकार।

अविनासी की पोल मरजी मीरा करै छै पुकार।।२।।

 
< पिछला   अगला >
© 2018 दिनमान लघु पंचांग