मुख्य पृष्ट arrow भजन संग्रह arrow कभी कभी भगवान को भी
दिनमान लघु पंचांग
मुख्य पृष्टपंचांगचौघडियाँमुहूतॅआरती संग्रहव्रत त्योहारभजन संग्रहराशिफलखोजेंअन्य जानकारीहमें सम्पर्क करें
Saturday, January 19 2019
मुख्य मैन्यु
मुख्य पृष्ट
पंचांग
चौघडियाँ
मुहूतॅ
आरती संग्रह
व्रत त्योहार
भजन संग्रह
राशिफल
खोजें
अन्य जानकारी
हमें सम्पर्क करें
कभी कभी भगवान को भी पी.डी.एफ़ छापें ई-मेल

Image

कभी कभी भगवान को भी, भक्तों से काम पडे |

जाना था गंगा पार, प्रभू केवट की नाव चढें ||

अवध छोड प्रभू ,वन को धायें, सियाराम लखन गंगा तट आये,

केवट मन ही मन हरषायें, घर बैंठे प्रभू दर्शन पाये |

हाथ जोड प्रभू के आगे ,केवट मगन खडें | | जाना था गंगा पार..

 

प्रभू बोले तुम नाव चलाओ , पार हमें केवट पहुँचाओ ,

केवट बोला सुनो हमारी, चरण धूली की महिमा हैं भारी |

मैं गरिब हूँ नैया हैं मेरी,ना नारी होय पडे..|| जाना था गंगा पार..

 

केवट दौड के जल भर लाये, चरण धोये चरणमृत पाये ,

वेद ग्रंथ जिनके यश गाये ,केवट उनको नाव चढायें |

बरसे ढुल गगन से ऐसे भक्तों के भाग्य बडे ||जाना था गंगा पार..

 

चली नाव गंगा की धारा ,सियाराम लखन को पार उतारा,

देने लगे प्रभू नाव उतराई, केंवट कहे नहीं रघुराई |

पार किया मैने प्रभू तुमको, अब तुम मोहें पार करो || जाना था गंगा पार..

कभी कभी भगवान को भी, भक्तों से काम पडे |

जाना था गंगा पार, प्रभू केवट की नाव चढें ||

 
< पिछला   अगला >
© 2019 दिनमान लघु पंचांग