मुख्य पृष्ट arrow आरती संग्रह arrow ॥ अथ महालक्ष्म्यष्टकस्त्रोत्रम्‌ ॥
दिनमान लघु पंचांग
मुख्य पृष्टपंचांगचौघडियाँमुहूतॅआरती संग्रहव्रत त्योहारभजन संग्रहराशिफलखोजेंअन्य जानकारीहमें सम्पर्क करें
Sunday, December 10 2017
मुख्य मैन्यु
मुख्य पृष्ट
पंचांग
चौघडियाँ
मुहूतॅ
आरती संग्रह
व्रत त्योहार
भजन संग्रह
राशिफल
खोजें
अन्य जानकारी
हमें सम्पर्क करें
॥ अथ महालक्ष्म्यष्टकस्त्रोत्रम्‌ ॥ पी.डी.एफ़ छापें ई-मेल
                                                                                                                                           Image
                                           इन्द्र उवाच,

नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।

शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ १॥

नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि ।

सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ २॥

सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि ।

सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ३॥

सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि ।

मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ४॥

आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि ।

योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ५॥

स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे ।

महापापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ६॥

पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि ।

परमेशि जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ७॥

श्वेताम्बरधरे देवि नानालङ्कारभूषिते ।

जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ ८॥

महालक्ष्म्यष्टकं स्तोत्रं यः पठेद्भक्तिमान्नरः ।

सर्वसिद्धिमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोति सर्वदा ॥ ९॥

एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनम् ।

द्विकालं यः पठेन्नित्यं धनधान्यसमन्वितः ॥ १०॥

त्रिकालं यः पठेन्नित्यं महाशत्रुविनाशनम् ।

महालक्ष्मिर्भवेन्नित्यं प्रसन्ना वरदा शुभा ॥ ११॥

॥ इतीन्द्रकृतं महालक्ष्म्यष्टकस्त्रोत्रं सम्पूर्णम्‌ ॥

 
< पिछला   अगला >
सुविचार

 कबिरा खडा बजार में, सबकी माँगें खैर  ना काहुँ से दोस्ती, ना काहुँ से बैर || 

 
© 2017 दिनमान लघु पंचांग