दिनमान लघु पंचांग
मुख्य पृष्टपंचांगचौघडियाँमुहूतॅआरती संग्रहव्रत त्योहारभजन संग्रहराशिफलखोजेंअन्य जानकारीहमें सम्पर्क करें
Thursday, April 26 2018
मुख्य मैन्यु
मुख्य पृष्ट
पंचांग
चौघडियाँ
मुहूतॅ
आरती संग्रह
व्रत त्योहार
भजन संग्रह
राशिफल
खोजें
अन्य जानकारी
हमें सम्पर्क करें
आँवला नवमी कथा पी.डी.एफ़ छापें ई-मेल
                                         एक सेठ आमला नौमी के दिन आँवले के पेड के नीचे ब्राह्यणो को भोजन कराया करता था । सोने का दान किया करता था। उसके बेटो को यह सब अच्छा नही लगता था। घर की कलह से तंग आकर वह घर छोडकर दुसरे गाँव से चला गया । उसने वहाँ जीवन यापन के लिए एक दुकान कर ली । उसने दूकान के आगे एक आँवले का पेड लगाया । उसकी दुकान खूब चलने लगी । वह यहा भी आँवला नवमी का व्रत करने लगी तथा ब्राह्यणो को भोजन तथा दान का कार्यक्रम चालू रखा ।
बेटो का कार्य ठप हो गया । उनकी समझ मे यह बात आ गई थी हम तो पिताश्री के भाग्य से ही रोटी खाते थे । बेटे अपने पिता के  पास गये और अपनी गलती स्वीकार करली । पिता की आज्ञानुसार वे भी आँवला पेड की पूजा करने लगे । उनके यहाँ पहले जैसी खुशहाली हो गई ।
 
< पिछला   अगला >
© 2018 दिनमान लघु पंचांग